न्यूज़ नगरी
रिपोर्टर-काजल
सिरसा रोड़ स्थित उत्तरी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीसी केंद्र), हिसार में आज तीन दिवसीय कृषि दर्शन प्रर्दशनी का समापन हुआ। इन तीन दिनों में लगभग पौने दो लाख लोगों ने कृषि से सम्बन्धित तकनीकों की जानकारी ली। इस मेले में लोगों ने मशीनरी, ड्रोन, बीज, खाद, ट्रैक्टर, टूल्स, बागबानी, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, कृषि लोन, पशु आहार आदि किसानों से सम्बन्धित उपयोगी जानकारी ली। हरियाणा ही नहीं आस-पास के क्षेत्रों जैसे पंजाब, हिमाचल, जम्मु, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, यूपी आदि राज्यों से किसानो व आमजन ने मेले में शिरकत की। गांव ही नहीं शहर से भी लोगों ने मेले में भाग लिया।
टीटीसी के निदेशक ने किया स्टाल वालों को सम्मानित-
कृषि प्रदर्शनी में आए अलग-अलग कम्पनियों को टीटीसी के निदेशक डॉ मुकेश जैन के द्वारा सम्मानित किया। उनसे बातचीत करके उनकी मशीनरी व तकनीकों के बारे में जानकारी ली।
नीदरलैण्ड से आया मार्क मेला देखने-
हिसार टीटीसी में आयोजित कृषि प्रर्दशनी को देखने के लिए नीदरलैण्ड से मार्क आए जोकि कि पेशे से मशीनों की टैक्रोलोजी पर काम करते है। यहां कृषि प्रदर्शनी में आई मशीनों के बारे में जाना और समझा।
216 मीटर नीचे से भी खींच सकेगा पानी -
हरियाणा में पहली बार कृषि मेले के माध्यम से 500 हॉर्सपावर की समरसिब्बल की मोटर के बारे में लोगों ने जाना। जोकि माइनिंग में और जहां धरती में पानी काफी नीचे गया हुआ हो वहां पर इस्तेमाल किया जाता है। यह यूएसए का ब्रांड है जोकि भारत में भी काम कर रहा है। अभी तक पूरे भारत में इस प्रकार की मोटर पम्प किसी भी कम्पनी के पास नहीं है। इसे माइनिंग में और पहाड़ों में इस्तेमाल किया जाता है। इसका डायामीटर 12 ईंच है और यह एक मिनट में 10668 लीटर पानी प्रति मिनट के हिसाब से निकाल सकता है।
किसान मेले में इस बार देश व विदेश से लगभग 320 कम्पनियों ने भाग लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि मेले में किसानों को सोलर ऊर्जा के फायदे और मिलने वाली सब्सिडी, पराली से होने वाली आय व पर्यावरण संरक्षण, खारे पानी से पैदावार, मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने की जानकारी, खेती समस्याओं की जानकारी व उनके समाधान, विशेष छूट व सब्सिडी का प्रावधान, कृषि सम्बंधित लोन की सुविधा, खेती मशीनरी की जानकारी, उन्नत बीज, कीटनाशक व उवर्रक की जानकारी, आधुनिक व नई तकनीक वाले कृषि यंत्रों की जानकारी के अलावा इरीगेशन, ग्रीन हाऊस, पम्प व पाईप तकनीक की जानकारी भी उपलब्ध करवाई गई। किसान कैसे कम लागत में कम भूमि पर अधिक पैदावार करें, इस बारे में नई तकनीकों से रूबरू करवाया गया। आने वाले किसानों ही नहीं आमजन ने प्रदर्शनी में पूरी रूचि ली। निदेशक डॉ मुकेश जैन ने कहा कि कृषि प्रदर्शनी के जरिये किसानों के लिए आधुनिक व नई तकनीकें लाना कृषि दर्शन किसान मेले का मुख्य उद्देश्य था, जोकि सफल रहा।
