न्यूज़ नगरी
रिपोर्टर काजल
हिसार के सिरसा रोड़ स्थित उत्तरी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीसी केंद्र) में आज दूसरे दिन हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मेले का रिब्बन काटकर उद्धाटन किया। उनके साथ डॉ. डी पी वत्स पूर्व सांसद राज्यसभा , प्रो. बलदेव राज काम्बोज, कुलपति, एचएयू हिसार व टीटीसी के निदेशक डॉ. मुकेश जैन उपस्थित थे। उन्होनें कृषि प्रदर्शनी में अलग-अलग कम्पनियों के ट्रैक्टर का उद्धाटन किया और कृषि प्रदर्शनी का भ्रमण किया।
उन्होनें अपने सम्बोधन में कहा कि सुबह से लेकर रात के खाने तक जो कुछ भी हमें चाहिए वो हमारा किसान अपनी जमीन में उगाता है। आज के किसान को नई तकनीकों को अपनाना चाहिए और अपनी आय के नए-नए स्त्रोत खोलने चाहिए। उन्होनें कहा कि म्हारा हरियाणा दूध दही का खाना से मशहुर है, हमारा किसान तरक्की की राह पर चल रहा है और अपनी पैदावार का बढ़ा रहा है। उन्होनें हरियाणा को कर्मभूमि कहा क्योंकि कृष्ण और अर्जुन का संवाद हरियाणा में हुआ और उसमें कहा गया है कर्म करता जा पर फल की इच्छा न कर। हमारा किसान हरियाणा ही नहीं अपने आस पास के प्रदेशों का भी पेट भर रहा है। हमसे पिछली सरकार में किसानों को सीधा उनके खातें में पैसे नहीं मिलते थे, जब्कि हमारी सरकार में 48 घण्टों के भीतर उनके खाते में आ जाते है। 2014 से 2019 तक हमने लगभग सभी खेतों को सडक़ से जोड़ा है। आज सांसद में हरियाणा के किसान के विकास के बारे में भी चर्चा होती है। हमारी सरकार में किसानों के पशु बीमा में भी सुधार किया गया है पहले पशु बीमा में पशु के दुध छोड़ जाने पर बीमा नहीं मिलता था पर अब हमारी सरकार में पशु के थन का भी बीमा होने लगा है। बैल गाड़ी में लगे खच्चर या घोड़े के बीमें में भी सुधार किया गया क्योंकि उसमें उसकी वर्किंग क्षमता का बीमा किया जाने लगा। घुटने खत्म होने पर किसान को बीमे की राशि मिलने लगी और भी बहुत तरह के सुधार चल रहे है और आगे भी चलते रहेगें। मैं किसान का बेटा हूँ और किसान की समस्या को अच्छे से समझ सकता हूँ।
-अन्नदाता सम्मान समारोह-
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के कर कमलों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यशपाल गांव कंवाली, धारूहेडा, रेवाड़ी को प्राकृतिक कृषि में उत्कृष्ट योगदान, प्रधान अरावली किसान क्लब रेवाड़ी, एचएयू द्वारा किसान रत्न से सम्मानित किया गया। सूरजभान हसंगा, रतिया से को पराली प्रबंधन और की सीधी बिजाई के लिए। जगतार सिंह, रत्ता थेह, जाखल को 2015 से लगातार पराली प्रबंधन एवं नेचुरल फार्मिंग में उत्कृष्ट योगदान हेतु। नसीब झोरड़, बचेर रानियां को कार्बन के्रडिट एवरनेस, डायरेक्ट बिजाई टैक्नालॉजीख् पराली प्रबंधन एवं कृषि ड्रोन में उत्कृष्ट योगदान के लिए। रामफल अग्रोहा, हिसार को जैविक खेती एवं विविधीकरण में योगदान हेतु। तजेंद्र तूर, सालमखेड़ा, फतेहाबार को लगातार 10 साल से पराली प्रबंधन एवं लोगों को पराली न जलाने हेतु प्रेरित करने हेतु। राकुमार कालीरावण, हिसार को प्राकृतिक खेती के लिए। रोशनी देवी, रतिया को प्राकृतिक खेती एवं विविधीकरण में उत्कृष्ट योगदान हेतु व सीमा रानी रत्ता खेड़ा रतिया से को ड्रोन पायलट व ड्रोन दीदी आजीविका मिशन सीआरपी स्वयं सहायत समूह लीडर के लिए सम्मानित किया गया।
हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, डॉ. डी पी वत्स पूर्व सांसद राज्यसभा व प्रो. बलदेव राज काम्बोज, कुलपति, एचएयू हिसार ने मेले का भ्रमण किया। ड्रोन, ट्रैक्टर, सोलर पम्प, पराली प्रबंधन, बीज, सिचाई आदि के बारे में जाना और समझा। उन्होनें ने कहा कि हर खेत तक तकनीकों को पहुंचाना है, भारत को 2047 तक विकसित देश बनाना है। किसानों की आय दुगनी ही नहीं चौगुनी करनी है उसके लिए इस प्रकार की प्रर्दशनी को लगवाते रहेगें।
उन्होनें ने किसानों से कहा कि इस प्रकार के मेले में अधिक से अधिक संख्या में आना चाहिए और नई तकनीकों को समझना व परखना चाहिए और उसे अपनाना चाहिए। मैं टीटीसी के निदेशक का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ कि इस प्रकार की प्रर्दशनी अपने प्रांगण में लगाई है जिससे हमारे देश के किसान का विकास हो सकेगा।
-लगभग सवा लाख लोगों ने देखा मेला-
दूसरे दिन शाम होते-होते दोनों दिन का मिलाकर लगभग सवा लाख लोगों ने मेले में अपना रजिस्ट्रैशन करवाया और मेले का अवलोकन किया। दूसरे दिन भी लोगों ने मेले में बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
-दराती ना धिसेगी ना टूटेगी-
मेले के दूसरे दिन किसानों का ध्यान आकषर््िात किया दराती ने। यह ब्रोन स्टील से बनी है जोकि ना तो धिसेगी और ना ही टूटेगी। सालों साल चलेगी। इस पर कृषि प्रर्दशनी में 50 प्रतिशत तक की छूट का भी प्रावधान है।
-टूल कम्पनी ने करी मौज-
रोजमर्रा में प्रयोग होने वाले औजारों पर किसान मेले में टूल कम्पनी द्वारा 60 से 70 प्रतिशत तक की छूट कर किसान भाईयों की मौज कर दी। भारी संख्या में लोगों ने वहां से अपने रोजमर्रा में प्रयोग आने वाले औजारों को खरीदा और मेले की छूट का फायदा लिया।
मेले में किसानों ने कृषि सम्बंधित लोन की सुविधा, खेती मशीनरी की जानकारी, मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने की जानकारी, खेती समस्याओं की जानकारी व उनके समाधान, विशेष छूट व सब्सिडी का प्रावधान, उन्नत बीज, कीटनाशक व उवर्रक की जानकारी, आधुनिक व नई तकनीक वाले कृषि यंत्रों की जानकारी के अलावा इरीगेशन, ग्रीन हाऊस, पम्प व सोलर तकनीक की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जायेगी। किसान कैसे कम लागत में कम भूमि पर अधिक पैदावार करें, इस बारे में उसे नई तकनीकों से रूबरू करवाया जोयगा।
अधिक से अधिक संख्या में मेले में आए और नई-नई जानकारी लें। यहीं हमारा मकसद है। किसान भाई अपनी पैदावार बढ़ाए और देश में विकास में अपनी अहम भूमिका अदा करें।