07 OCT 2025
न्यूज़ नगरी
रिपोर्टर-काजल
हिसार-संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रचार प्रसार योजना के तहत महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट उत्सव पर लघु सचिवालय परिसर में मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि हिसार की विधायक सावित्री जिंदल, विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता व मेयर प्रवीण पोपली विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने अपने संबोधन में कहा कि श्री राम कथा की रचना करने वाले आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी ने मानव समाज को भगवान श्रीराम की दिव्य कथा का अमूल्य उपहार दिया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी वेदों के ज्ञाता, ब्रह्म ज्ञानी तथा मानवता में करुणा, दया और समानता के प्रतीक थे। उनके आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार महर्षि वाल्मीकि जी, संत कबीर दास जी, संत रविदास जी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी जैसे महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तर पर जयंती समारोह धूमधाम से मना रही है। इसके तहत
हरियाणा सरकार द्वारा संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना चलाई जा रही है। इस परंपरा के शुरू होने से सामाजिक समरसता और महान संतों की गौरव गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने समाज के महापुरुषों को याद नहीं करेंगे तो हमारी सभ्यता के महत्वपूर्ण पहलू इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगे। इसलिए सरकार की ओर से धन्ना भगत, कबीर दास जी, महात्मा ज्योतिबा फुले, संत रविदास आदि महापुरुषों की याद में उनकी जयंती पर राज्य व जिला स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ना ही महर्षि वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। इसी प्रकार अनुसूचित जातियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार ने आरक्षण का दो वर्गों, जिनमें वंचित अनुसूचित जाति और अन्य अनुसूचित जाति में वर्गीकरण किया है। सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों के 20 प्रतिशत आरक्षण में से 10 प्रतिशत कोटा वंचित वर्गों को दिया गया है। इसके अलावा प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में भी 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने बताया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना, पोस्ट-मैट्रिक एवं प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, और फ्री कोचिंग स्कीम जैसी योजनाएं लागू हैं ताकि हर छात्र को उच्च शिक्षा के समान अवसर मिल सकें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के सिर पर छत देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना चलाई जा रही हैं। अब तक 76 हजार 985 लाभार्थियों को 416 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर 71 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, वहीं दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत बहनों-बेटियों को मासिक आर्थिक सहायता जल्द प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने सफाई कर्मियों के हितों का जिक्र करते हुए बताया कि सफाई कर्मियों को ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये और सीवरेज कार्य के दौरान मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये का बीमा लाभ दिया जाएगा। साथ ही 50 प्रतिशत सफाई ठेके सफाई मित्रों या उनके समूहों को देने की नीति भी लागू की जाएगी।
हिसार की विधायक सावित्री जिंदल ने महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस पर आयोजित समारोह में कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने मानवता को मर्यादा, समानता और करुणा का संदेश दिया। वे आदि कवि, महान ऋषि और सत्य के साधक थे, जिन्होंने श्री राम कथा के माध्यम से समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी ने यह सिखाया कि परिश्रम, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलकर कोई भी व्यक्ति महानता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हमें उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करना चाहिए।
नलवा विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने अपने ज्ञान, कर्म और आचरण से समाज को मर्यादा, समानता और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने यह सिखाया कि कोई भी व्यक्ति अपने परिश्रम और सत्य के मार्ग पर चलकर महानता प्राप्त कर सकता है। उनके आदर्श आज भी समाज में प्रेरणा का स्रोत हैं। विधायक पनिहार ने कहा कि राज्य सरकार संत-महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हर वर्ग सामाजिक समरसता के साथ आगे बढ़ सके। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हमें वाल्मीकि जी के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज में भाईचारे, समानता और सौहार्द की भावना को और मजबूत करना चाहिए, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पूर्व मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं, जिन्होंने अपने जीवन से यह दिखाया कि हर व्यक्ति में परिवर्तन और ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी ने रामायण जैसी महान रचना के माध्यम से सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाया। डॉ गुप्ता ने बताया कि वाल्मीकि जी का जीवन संदेश देता है कि समाज में किसी का मूल्य जन्म से नहीं बल्कि कर्म से तय होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि हमें वाल्मीकि जी के दिखाए रास्ते पर चलकर समाज में समानता और नैतिकता की भावना को प्रबल बनाना चाहिए। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों पर चलते हुए जात-पात, ऊँच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज में समरसता और एकता स्थापित करें। यही महर्षि वाल्मीकि जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम के दौरान हरियाणा रत्न से सम्मानित प्रसिद्घ गायक रामचंद्र बबल तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान वाल्मीकी की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सी जयाश्रद्घा, नगराधीश हरिराम, एचसीएस हरबीर सिंह, आबकारी एवं कराधान विभाग के संयुक्त आयुक्त कृष्ण कुमार, पार्षद राजेंद्र बिडलान, संजीव रेवड़ी, सुरेश गोयल धुपवाला, कुलदीप कांगड़ा, चमनलाल बागड़ी, बलराज सिंह, कुलदीप कांगड़ा, संजय लोट, पूर्व प्रधान रतन बडग़ुज्जर, बृजमोहन पंवार, जमना सिंह चौहान, सरपंच राजबीर, दीपक वाल्मीकी, देशराज बलियाली, ताराचंद बलियाली, हरिनारायण, पंकज खटक, मदन चौहान, गणेश, विक्की टॉक, नरेश, गुलशन, बाबूलाल, राजकुमार, सहित सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

