03 OCT 2025
न्यूज़ नगरी
रिपोर्टर-काजल
हिसार-भगवान परशुराम जन सेवा समिति के तत्वाधान में देश के दूसरे निष्ठावान व ईमानदार पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर समिति के मुख्य संरक्षक एच.के. शर्मा की अध्यक्षता में ब्रह्म संस्कृत पाठशाला में संगोष्ठी का आयोजन किया गया तत्पश्चात लाल बहादुर शास्त्री के प्रतिमा स्थल पर जाकर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रुप में राज्यसभा के पूर्व सांसद जनरल डी.पी.वत्स धर्मपत्नी गीता वत्स सहित उपस्थित हुए। अति विशिष्ट अतिथि पार्षद भीम महाजन, पार्षद जगमोहन मित्तल, पार्षद मोहित सिंगला, पूर्व पार्षद पंकज दीवान, सुशील शर्मा, पिंकी शर्मा, जिला ब्राह्मण सभा के प्रधान रतन लाल शर्मा थे। विशिष्ट अतिथि सुमित मित्तल, सतपाल सिंह इला सरपंच बीड़, राजपाल नैन, विजय कौशिक, नरेन्द्र शर्मा रहे। जनरल वत्स ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डाला और कहा कि वे 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की। भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया। परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला संवाहकों की नियुक्ति की थी। पुलिस मंत्री होने के बाद उन्होंने भीड़ को नियन्त्रण में रखने के लिये लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग प्रारम्भ कराया।
समिति के संस्थापक योगेंद्र शर्मा ने आए हुए सभी अतिथियां का स्वागत करते हुए कहा कि समिति वर्षों से शहीदों का पूर्ण सम्मान करती आई है और भविष्य में इसी परम्परा को बनाये रखेगी। इस अवसर रामस्वरुप गोदारा, तेलूराम ढांडा, देवेन्द्र धीमान, ओमप्रकाश गर्ग, पी.सी.शर्मा, बबलू कुलचानिया, पवन सावंत जाखोद, बृजेश पाण्डेय कैंट, गोपीराम, संजय बिश्नोई, सतपाल ठेकेदार, प्रकाश वत्स, जनक गौड़, विकास गौड़ सहित समिति के सभी सदस्य व पदाधिकारी मौजूद रहे।
