14 OCT 2025
न्यूज़ नगरी
रिपोर्टर-काजल
हिसार-बदरी नारायण सेवाग्राम, मेरठ से आये डॉ. गोपाल शास्त्री के सान्निध्य में तथा अग्रसैन भवन ट्रस्ट के सहयोग से अग्रसैन भवन में चल रही स्वास्थ्य एवं अध्यात्म प्रयोगशाला के तीसरे दिन डॉ. गोपाल शास्त्री ने साधकों को बताया कि जहां कूड़ा, वहां कीड़ा, जहां गोबर, वहां गैस समाज की अस्सी प्रतिशत बीमारियों का कारण गैस और एसीडिटी है और इसका प्रमुख कारण शरीर में मल का संचय है। जब मिल गया, तब खा लिया, जो मिल गया, वह खा लिया। जहां मिल गया, वहां खा लिया। प्रत्येक मनुष्य खा तो रहा है परंतु जानता ही नहीं कि क्यों खा रहा है। सत्य को जान लो और दुखों से मुक्त हो जाओ। शरीर पांच तत्वों से बना हुआ है। संतुलन बिगड़ने से शरीर असंतुलित हो जाएगा। आवश्यकता से अधिक जाएगा तो शरीर में सड़ेगा और गैस एसिड उत्पन्न करेगा। इसी प्रकार अगर घर में अनावश्यक, अनुपयोगी वस्तुओं का संचय होगा तो यही हमारी प्रवृति बन जाएगी और शरीर की अनुपयोगी कोलेस्ट्रोल, यूरिक एसिड, कफ, मल का संचय करने लगेगा, परिणाम स्वरुप आर्टिज ब्लॉकेज, दमा, गठिया, गैस, कब्ज आदि असाध्य बीमारियों का शिकार बनने लगेगा। वस्तु का उपयोग करो या करने दो। कम खाओ, गम भगाओ। व्यस्त रहो-मस्त रहो। प्रयोगशाला में हरियाणा प्रांत प्रमुख सत्यनारायण शर्मा एडवोकेट व ध्यान सत्संग सभा के सदस्य रवि कौशिक ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर राकेश गर्ग, सुरेश जिंदल, दयानंद रहेजा, गुरचरण दास, सुनील मेहता, संजीव गुप्ता, गंगाधर बंसल आदि भी उपस्थित रहे।
हरियाणा प्रांत प्रमुख सत्यनारायण शर्मा एडवोकेट ने बताया कि 17 अक्तूबर तक चलने वाले कैम्प में रोजाना प्रात: आठ बजे योगासन, ध्यान, प्रार्थना, प्रवचन, प्रात: साढ़े दस बजे सूप/जूस, प्रात: साढ़े गयारह बजे प्रश्नोतर-अनुभव, दोपहर एक बजे भोजन-विश्राम, सायं तीन बजे अल्पाहार-हर्बल चाय, सायं साढ़े तीन बजे ध्यान, भजन, प्रवचन के बाद सायं छह बजे भोजन-व्यक्तिगत परामर्श का कार्यक्रम होगा।
