19 NOV 2025
न्यूज़ नगरी
रिपोर्टर-काजल
हिसार-मौहल्ला रामपुरा स्थित गीता भवन मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए वृंदावन धाम से आये कथा व्यास संत गोपीराम महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम जब महादेव के धनुष को भंग करते हैं तो उसके उपरांत उनका विवाह जानकी के साथ होता है। इस विवाह के द्वारा राघव समझाते हैं कि एक इंसान की आत्मा का मिलन जब प्रभु से होता है तो वो शांत हो जाती है। मां जानकी आत्मा का प्रतीक है और राघव परमात्मा हैं और जिंदगी में जब एक संत का आगमन होता है जब एक जिज्ञासु की आत्मा का मिलन परमात्मा के साथ होता है, यही बात भगवान राम अपने विवाह के द्वारा मानव को समझाते हैं अर्थात एक मानव को जीवन मिला है प्रभु की प्राप्ति के लिए। ग्रंथ बताते हैं कि जिंदगी की राह चलते-चलते यदि एक मानव पूर्ण गुरु के सान्निध्य को प्राप्त करता है तो वह पूर्ण गुरु की कृपा से अपने घट में प्रभु को देखता है। मानव को गुरु की शरण में जाकर अध्यात्म को जानना चाहिए। इसी में जीवन की सार्थकता है। प्रभु आंतरिक जगत विद्यमान है। मंच संचालन करते हुए भजन गायक सुमित मित्तल ने भजनों की वर्षा की। बड़ी संख्या में कथा में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इससे पहले गीता भवन मंदिर में पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने संत गोपीराम महाराज का फूलमालाओं से स्वागत किया। नरेश बंसल, भूना वाले ने बताया कि 21 नवम्बर तक रोजाना दोपहर बाद 2:30 बजे से 6:30 बजे तक श्रीराम कथा में संत गोपीराम महाराज प्रवचन देंगे। 22 नवम्बर को प्रात: 9 बजे से 11 बजे तक प्रवचनों के साथ कथा को विश्राम दिया जाएगा। इसके बाद 11:30 बजे हवन होगा तत्पश्चात 12 बजे भंडारा चलाया जाएगा।

